NEWS :डर क्यों ज़ब चुनी है राह खुद ने तो उस राह में खो जाने का डर क्यों:कवि जगदीश सांखला
"डर क्यों"
जब चुनी है राह खुद ने
तो उस राह में खो जाने का डर क्यों
जब निर्णय कर ही लिया अकेले चलने का
तो अब भीड़ की तरफ देखना क्यों
जब किया है जो दिल ने कहा
तो अब दूसरों की बातें सुनना क्यों
जब पहन ही लिया ताज कांटों का
तो अब दर्द दूसरों को सुनना क्यों
जब राह भी हमारी और सपने भी हमारे
तो उन्हें पूरे करने में संकोच क्यों
जब सोच ही लिया ख्वाबों को पर देने का
तो अब उड़ने का डर क्यों
जब पता है मृत्यु सुनिश्चित है
तो जीवन से इतना मोह क्यों
कवि: जगदीश सांखला
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