NEWS :-सशस्त्र नक्सलवाद की समाप्ति संकल्प पूर्ति पर सिद्ध खेड़ापति हनुमान महाराज मंदिर प्रांगण कवर्धा में हनुमंत भंडारा का आयोजन

NEWS :-सशस्त्र नक्सलवाद की समाप्ति संकल्प पूर्ति पर सिद्ध खेड़ापति हनुमान महाराज मंदिर प्रांगण कवर्धा में हनुमंत भंडारा का आयोजन
कवर्धा, 01 अप्रैल 2026। 31 मार्च 2026 की नियत तिथि तक बस्तर सहित  छत्तीसगढ़ से सशस्त्र नक्सलवाद के पूर्णतः समाप्त होने की ऐतिहासिक उपलब्धि के उपलक्ष्य में 2 अप्रैल को कवर्धा स्थित खेड़ापति हनुमान जी महराज मंदिर में पावन हनुमंत भंडारा का आयोजन किया जा रहा है। इस पावन आयोजन के माध्यम से प्रदेश में स्थापित शांति, सुरक्षा और समृद्धि के नए युग का अभिनन्दन करते ईश्वर का आभार नमन-वंदन किया जाएगा। 
4 दशकों से अधिक समय से छत्तीसगढ़ नक्सलवाद से जूझ रहा था। नक्सलवाद ने विशेषकर बस्तर अंचल को लंबे समय तक प्रभावित किया, जहां हजारों लोगों की जाने व बुनियादी  विकास कार्य बाधित रहे और आम जन-जीवन असुरक्षा व दंश के बारूदी साये में रहा। बस्तर सहित छत्तीसगढ़ के कई अन्य जिले भी नक्सलवाद से पीड़ित और प्रभावित रहे, जिसमें कबीरधाम जिला भी शामिल है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह के  संकल्प के अनुसार  नियत समय पर आज छत्तीसगढ़ ही नहीं, समूचे देश से सशस्त्र नक्सलवाद का अंत हो रहा है, दशकों से चली आ रही हिंसा और भय का दौर समाप्त हो रहा है, तब आम लोगों में भी खुशी का माहौल है। 

जन सामान्य में खुशी इस बात की भी है, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार के गृह मंत्री के रूप में कवर्धा के विधायक श्री विजय शर्मा ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि को हासिल करने में अहम भूमिका निभाई। सबसे अहम तथ्य यह कि यह ऐतिहासिक उपलब्धि पुलिस और सुरक्षा बलों के जवानों के साहस, वीरता और बलिदानों के कारण संभव हो सकी है। उन जवानों के अमर बलिदान का पावन स्मरण और भगवान खेड़ापति हनुमान जी महराज का पूजन अर्चन कर प्रदेश में शांति, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना के साथ पावन भंडारा का शुभारंभ प्रातः 11 बजे किया जाएगा। 

कवर्धा के माटीपुत्र विजय शर्मा ने भक्तजनों को इस अवसर पर सादर आमंत्रित करते हुए कहा कि खेड़ापति हनुमान महाराज  जी की असीम कृपा से हम सब उस लक्ष्य को प्राप्त कर सके जो वर्षो तक असाध्य माना जाता था। अंजनीनंदन , श्रीराम भक्त वीर हनुमान जी की अशेष कृपा से आज हमारा छत्तीसगढ़ के शान्तिमार्ग पर आरूढ़ हुआ। आइए इस पावन अवसर पर हम सब मारूतिनंदन के श्रीचरणों मे नमन-वन्दन कर उनके असीम आशीर्वाद का वरण करे।

Post a Comment

0 Comments