NEWS :-कबीरधाम में संलग्नीकरण का आदेश सिर्फ कागजों तक सिमटा,आखिर कब होगा कबीरधाम जिले में आदेश का पालन,लगातार आदेश का हो रहा उलंघन

NEWS :-कबीरधाम में संलग्नीकरण का आदेश सिर्फ कागजों तक सिमटा,आखिर कब होगा कबीरधाम जिले में आदेश का पालन,लगातार आदेश का हो रहा उलंघन

 कवर्धा 
आपको बता दे की कवर्धा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कबीरधाम  द्वारा  दिनांक 26,02,26 को समस्त खंड चिकित्सा अधिकारियो क्रमशः पंडरिया,पिपरिया ,बोडला और् लोहारा के नाम से आदेश जारी किया कि समस्त संलग्नीकरण/कार्यादेश निरस्त कर पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत  करे।
      जिसके परिपालन मे लगभग एक सप्ताह के बाद खंड चिकित्सा अधिकारी पंडरिया ने दिनांक 06,03,26 को समस्त संलग्नीकरण /कार्यादेश निरस्त् करने का अजीबोगरीब आदेश निकाला है जिसमे संलग्न अधिकारियो कर्मचारियों का लिस्ट ही नही था मतलब स्पष्ट है कि सिर्फ दिखावे के लिए ही आदेश जारी किया था अब देखने वाली बात ये भी है कि शायद मोटी लेनदेन का मामला होता है संलग्नीकरण इसे इतनी आसानी से कैसे खतम किया जा सकता है,और अपने चहेतो को फायदे दिलाने का प्रलोभन कैसे अधिकारी छोड़ देगा 
      एक प्रश्न यह भी उठता है कि क्या मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय मे संलग्न अधिकारी कर्मचारियों को उनके पदस्थापना स्थल हेतु कार्यमुक्त किया गया  या आदेश महज दिखावे के लिए है,  सीएमएचओ कार्यालय के आदेश में स्पष्ट है की कार्यमुक्त नहीं करने पर समस्त खंड चिकित्सा अधिकारी पर एक तरफा अनुशासनात्मक कार्यवाही किया जाएगा यदि आज दिनांक तक कार्यमुक्त नहीं किया गया है तो सीएमएचओ द्वारा क्या कार्यवाही की गई है यह भी एक प्रश्नचिन्ह है क्योंकि अब तो विधानसभा में स्वास्थ्य मंत्री जी द्वारा भी 15 दिवस में समस्त संलग्नीकरण कार्यादेश समाप्त करने की घोषणा कर चुके है साथ ही संचालनालय से 12/3/26 को पुनः आदेश जारी किया गया है और 16/3/26 को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला कबीरधाम द्वारा भी मोस्ट अर्जेंट करके लेटर निकाला गया है मोस्ट अर्जेंट लेटर का  पंडरिया में कितना पालन किया जाता है देखने वाली बात होगी साथ ही आदेश का पालन नहीं करने पर क्या कार्यवाही की जाएगी यह भी प्रश्नचिन्ह है 
           इसी तारतमय मे एक बात ये भी विचारणीय है कि दिनांक 10,01,2025 को जिलाध्यक्ष कबीरधाम के अनुमोदन से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कबीरधाम के द्वारा जिले के चारो विकासखंड कार्यक्रम प्रबंधको का स्थान्तरण किया था किन्तु एक वर्ष पूर्ण होने के उपरांत भी किसी भी विकासखंड कार्यक्रम प्रबंधक को उनके स्थानांतरित स्थल हेतु कार्यमुक्त नही किया गया है तो क्या माननीय जिलाध्यक्ष कबीरधाम का आदेश मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कबीरधाम के लिए कोई महत्व नही रखता या स्वास्थ्य विभाग का मुखिया पद के मद मे है।
          यहा पर यह भी उल्लेखनीय है कि कांग्रेस के शासन काल मे विकासखंड पंडरिया के पूर्व खंड चिकित्सा अधिकारी पंडरिया के ऊपर जीवनदीप समिति मद से अनियमित भ्रस्टाचार के आरोप लगे थे जिसका कि विभिन्न समाचार पत्रों मे लगातार प्रकाशित हुआ उनके खिलाफ जांच भी बैठा किन्तु विभाग ने सिर्फ लीपापोती कर मामला रफा दफा कर दिया ,
    भाजपा शाषित छ. ग. मे अब जनता सही मायने मे सुशाशन का इंतजार कर रही है। अब देखने वाली बात यह होगी कि उपमुख्य मंत्री के जिले मे बादशाहत जनता कि है या भ्रष्टाचारियों की

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