रमजान महीने में शब-ए-कद्र की रात... इबादत का विशेष महत्वः हनीफ अंजुम

रमजान महीने में शब-ए-कद्र की रात... इबादत का विशेष महत्वः हनीफ अंजुम 
कवर्धा। 
जामा मस्जिद मुस्लिम समाज के अध्यक्ष जनाब हनीफ अंजुम (मूतवल्ली) ने विज्ञप्ति जारी करते हुये कहा की रमजान के पवित्र महीने के आखिरी अशरे में आने वाली शब-ए-कद्र की रातों को इस्लाम में बेहद मुकद्दस और बरकतों वाली रात माना जाता है। इन मुकद्दस मुबारक रातों में की गई इबादत का सवाब हजार महीनों की इबादत से भी ज्यादा अफज़ल है। इसलिए अकीदतमंद इन दिनों में विशेष रूप से नमाज, अस्तगफार, कुरआन पाक की तिलावत अपनी जिंदगी और आखरत, अपने मरहूमिन की मगफिरत के लिए दुआएं करते है, और पुरी रात अल्लाह के जिक्र और दुआ में मशगूल रहते हैं। कवर्धा जमात के मुतवल्ली हनीफ अंजुम ने बताया कि रमज़ान शरीफ का छब्बीसवां रोज़ा मुक्कमल होने के बाद सत्ताईसवी शब में शब-ए-कद्र की रात होती है। इसी कारण अकीदतमंद इन सभी रातों में जागकर अल्लाह ताआला की इबादत करते हैं और

अपने गुनाहों की माफी मांगते हैं साथ ही अपने मोहल्ले शहर देश में अमन चैन की दुआ करते है।

हनीफ अंजुम ने कहा कि इस मुक्कदस महीने में मोमिनों को रमजान शरीफ की हर ताक (खास) रातों में शब ए कद्र की तलाश करते हुए ही इबादत करना भी चाहिए। जनाब हनीफ अंजुम ने हर साल की तरह तमाम उम्मते मुस्लमा से गुज़ारिश की है की इस खास रातों की इबादतो में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। माह-ए-रमज़ान... के आखिरी शुक्रवार यानी

अलविदा जुमा पर अकीदतमंदों की बड़ी तादाद में पूरे खुशू-ओ-खुजू के साथ नमाज़ ए जुमा अदा की जाती हैं, इस मौके पर अतराफ के सभी मस्जिदों के इमाम साहब तमाम मुसलमानों को नमाज़ अदा कराते है और शहर से लेकर मुल्क भर के लिए दुआएँ की जाती है। इसी तरह रमज़ान के पुरे महीने रोज़ादारों के लिए इफ्तार का आयोजन मस्जिद कमेटी और आवाम की तरफ से आयोजित किया जाता हैं, जिसमें सभी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं और सैकड़ों रोजेदारों व अकीदतमंद एक साथ बैठकर इफ्तार करते हैं।

ऐसे ही धार्मिक आयोजन समाज को जोड़ने और दिलों को करीब लाने का काम करते हैं, साफ नीयत के साथ की गई ईबादत और खुली सोच के साथ लोगों से बर्ताव ज़हनी सुकून और हमारे ईमान को मज़बूत करते हैं, माह-ए-रमज़ान शरीफ का यह मुक़द्दस महीना रहमत, मग़फिरत और बरकतों का पैगाम लेकर आता है।गरीबों, ग़मगीनों की मदद करने,का पैगाम देता है, हम सबको अपने पड़ोसी और समाज के साथ साथ हर तबके के लोगों की मदद का पैगाम देता है 

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